खैरागढ़, 3 जून — खैरागढ़ राजपरिवार के उत्तराधिकारी, पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय देवव्रत सिंह की जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में इस वर्ष एक अप्रत्याशित प्रशासनिक चूक ने पूरे आयोजन की गरिमा को प्रभावित कर दिया। दुर्गा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए जैसे ही नगरवासी एकत्रित हुए, वहां अंधेरा छाया रहा — जिससे जनमानस की भावना गहराई तक आहत हुई।
मिशन संडे की टीम द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने स्वर्गीय सिंह को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि जनआस्थाओं के प्रतीक थे — जिनकी सहजता, जनसंपर्क और विनम्रता आज भी प्रेरणादायक है।
कार्यक्रम की सबसे दुखद बात यह रही कि आयोजन स्थल पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं थी। परिणामस्वरूप श्रद्धांजलि देने आए नागरिकों को मोबाइल की फ्लैशलाइट और मोमबत्तियों के सहारे दीप प्रज्वलन करना पड़ा।
इस अव्यवस्था को लेकर न केवल स्थानीय नागरिकों में असंतोष देखा गया, बल्कि विधायक यशोदा वर्मा ने भी सार्वजनिक रूप से नाराज़गी जताई। उन्होंने तत्काल नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) से फोन पर बात की और सवाल किया कि ऐसी महत्वपूर्ण तिथि पर प्रकाश की उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
मिशन संडे के संयोजक मनराखन देवांगन ने इस घटना को केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि “जनआस्था के अपमान” की संज्ञा दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भविष्य में नगर से जुड़ी गरिमामयी गतिविधियों में इस प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों और मिशन संडे के सदस्यों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से मोती जघेल, लाल अशोक सिंह, दीपक देवांगन (नेता प्रतिपक्ष), डॉ. अरुण भारतद्वाज, रविंद्र सिंह गहेरवार, पूरन सारथी, भरत चंद्राकर, सूर्यकांत यादव, भूपेंद्र वर्मा, महेश यादव, शेखर दास वैष्णव और सुदर्शन ढीमर सहित कई लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय देवव्रत सिंह के योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
