भारत माता चौक गुढ़ियारी रायपुर में 90 वर्ष की ओर अग्रसर राष्ट्र सेविका समिति द्वारा मान वन्दना का आयोजन किया गया। माँ भारती की तेजस्वी कन्याओं ने भारत के मान-सम्मान की रक्षा एवं उत्तरोत्तर उन्नति के लिए कटिबद्धता का संकल्प लेते हुए पूजन-अर्चन किया।
कार्यक्रम का आरम्भ प्रांत कार्यवाहिका माननीया प्राजक्ता देशमुख जी एवं प्रांत सह कार्यवाहिका माननीया अजिता गनोदवाले जी ने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर किया।
प्रस्तावना प्रस्तुति देते हुए प्रांत संपर्क प्रमुख माननीया मीना नशीने जी ने बताया कि राष्ट्र सेविका समिति सेवा, संस्कार, पारम्परिक साधना, हिंदू सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्र प्रेम भाव और सामाजिक समरसता की 90 वर्षो से अविरल बहती सरिता है। उन्होंने शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में गतिशील समिति कार्यों की जानकारी दी। वैदिक काल से वाद्य यंत्रों के महत्व को बताते हुए उन्होंनें कहा कि पाञ्चजन्य शंख धर्म युद्ध भूमि में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती थी। सघोष संचलन राजा-महाराजाओं के यश और विजय का द्योतक होता था। आज का यह स्वर नाद भारत माँ का गौरव गुंजन है।
मुख्य अतिथि लोक गायिका माननीया किरण शर्मा जी ने घेाषवादिका बहनों के पंच दिवसीय साधना की सराहना करते हुए कहा कि बहनें हमारी संस्कृति को जागृत रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हमें भी अपने दायित्व का भान होना चाहिए। ऐसे सफल राष्ट्रकार्यों के संपादन में समाज को अपनी अहम भूमिका अवश्य ही निर्धारित करनी चाहिए।
घोषवादिकाओं ने स्वरनाद करते हुए शिवरंजनी, किरण, प्रभात, शिव वंदना, उदय, मीरा, तिलंग और मंजरी का सुंदर सुमधुर वादन किया। “तेरा वैभव अमर रहे माँ” का जय घोष करते हुए ‘जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है’, ‘जयोस्तुते’ और ‘निर्भय’ के वादन द्वारा 90 वर्ष पूर्ण करती राष्ट्र सेविका समिति की 90 वादिकाओं द्वारा माँ भारती के चरणों में स्वरांजलि दी गई।





